कम कम सा तुम्हें जानता
बातें हुई हैं कम
पर जितना भी देखा गुरू
तुझमें है बहुत दम
मस्ती के बादशाह हो
बस्ती के शहंशाह
तेरी हरेक बात
हर अदा है वाह वाह
सौ साल की उमर तक
करता रहे धमाल
विव तुझको मुबरक हो
ज़िन्दगी का नया साल
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